Motivation : मेरा, हर दिन साँसे लेना याद रख पाने वाला दोस्त

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Motivation : Friend

 

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  • preeti poonam

    speechless…highly motivated txs mem 🙂

  • Bubbles

    Thanks for such beautiful and inspiring article 🙂

  • ForumIAS

    Thanks 😉

  • Ajay Rathod

    Briliant Stuff Forum 🙂

  • Learner…

    Haalanki koshish aur tatasthta is waaqiye ka aadhaar aur saar hain, jo ki insaan ko karte bhi rehna chaahiye, bus jigyasa se utpann ek sawaal, wo shakhs “sabkuch” bhool chuka tha, to phir saans lena yaad rakhne ke liye use likhna kaise aata tha?

  • ForumIAS

    🙂

  • arv44

    ~आख़िर, हम सब एक temporarily-abled बॉडीस ही तो हैं. ~ कुछ शब्दों में इतनी गहरायी की बात बहुत दिनों बाद पढने मिली.

    ~जैसे वो है, वैसे ही प्रस्तुत किया जाए. उनकी अपनी परेशानियों हैं जिन्हे ROSEY बनाने की ज़रूरत नही है. ज़रूरत है इंक्लूसिव बनने की.~ ये बात हम आज की भागती दौड़ती दिखावे की दुनियां में भूलते जा रहे हैं. यथार्थ को कभी कपड़ों से तो कभी झूठी बातों से तो कभी कोई मुखौटा लगा के छुपाने की जिद्दोजहद में हैं हम.

    बहुत अच्छा लेख. शुक्रिया एंड शुभकामनायें.

  • ForumIAS

    Nice Video!

  • ForumIAS

    Yes 🙂

  • Soumya Ranjan Bal

    Truly inspiring

  • @bhishek

    Brilliant stuff…moral boosting video..explains so lucidly the value of life.
    Reminded me of this video …please watch it till end.

  • ForumIAS

    🙂

  • ForumIAS

    Yes, amazing.

  • IndianSuperhero

    really auther is amazing…..nd for that boy i dnt have any words…

  • sparsh

    सच में , अब तो कोई कारण ही नही समझ आता कि जब हमारे प्रयास असफल हों तो हमें टूट ही जाना चाहिए .
    आपका बहुत बहुत धन्यवाद . 🙂

    1. “एक सब कुछ भूल कर, दिमाग़ का सपाट बच्चा. हर दिन कोशिश करता है की हर अगली इन्फर्मेशन याद रह पाए. कहीं घर का रास्ता ना भूल जाए. कही साँसें लेना ना भूल जाए. हर दिन कोशिश करता है, की इस सल्यूशन को सल्यूशन की तरह देखे. दुखी ना हो. और जीतता है अपनी कोशिश मे. किसी को दिखाने के लिए नही. अपनी ज़िंदगी जीने के लिए. क्यूंकी वो मरना नही चाहता. जीना चाहता है. ”

    2. जिन छोटी से छोटी शारीरिक शक्तियों को हम सब use करने के इतने आदी हो चुकें है, की दिमाग़ को शायद ही कोई एफर्ट लगाना पड़ता है. वो एक- एक शक्ति किसी के लिए हर दिन एक नयी कोशिश है. कितना अंतर था मुझमे और इस बच्चे मे. सल्यूशन्स ढूँढने का. ज़िंदादिली का. लोगों के हंस देने के बावजूद, लोगों के उसका हौसला तोड़ देने के बावजूद, जीने का. कुछ बनने का. कुछ कर दिखाने का, कोशिश करने की जीवट इच्छा का. सपने देखने का. सिर्फ़ इस लिए की कल किसी को उसको याद ना कराना पड़े की बेटा साँस लो, साँस छोड़ो.

  • ForumIAS

    True that.

  • ForumIAS

    Exactly! 😉

  • rahul singh

    Also the person pursuing MPhil in English is writing such a wonderful article in Hindi language.

  • rahul singh

    Yeah, inspired a lot. It recalled me the value of my life,not be depressed and even not to waste time. It is to be utilized for my evolution and that of my fellow brethren.

  • ForumIAS

    🙂 :

  • Dreamz Unlimited

    🙂
    Beautiful and inspirational.