Q. भारत के राष्ट्रपति की शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. राष्ट्रपति अपनी क्षमा शक्तियों का प्रयोग केवल मंत्रिपरिषद की सलाह पर कर सकता है।
2. भारत में क्षमा व्यक्ति को दोषसिद्धि और दंड से पूरी तरह मुक्त कर देती है।
3. राष्ट्रपति की क्षमा शक्ति की समीक्षा केवल एक विशेष संवैधानिक पीठ द्वारा की जा सकती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

[A] केवल 1

[B] केवल 1 और 2

[C] केवल 2 और 3

[D] केवल 1 और 3

Answer: B
Notes:

व्याख्या  –

कथन 1 और 2 सही हैं। राष्ट्रपति को क्षमादान शक्तियों का प्रयोग करते समय मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करना चाहिए। भारत में क्षमादान से दोषसिद्धि और सज़ा दोनों हट जाती है, तथा व्यक्ति सभी संबंधित अयोग्यताओं से मुक्त हो जाता है।

कथन 3 गलत है। राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति न्यायिक समीक्षा के अधीन हो सकती है, लेकिन विशेष संवैधानिक पीठ द्वारा नहीं। समीक्षा सीमित है और किसी भी सक्षम न्यायालय द्वारा की जा सकती है यदि शक्ति का प्रयोग मनमाना, दुर्भावनापूर्ण या भेदभावपूर्ण पाया जाता है।

Source: The Hindu

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