Q. 7. निम्नलिखित में से किस चीनी यात्री ने गुजरात के वडनगर का दौरा किया?
व्याख्या – 7वीं शताब्दी के चीनी यात्री और बौद्ध भिक्षु ह्वेन त्सांग (ज़ुआनज़ैंग) ने 627 ईस्वी और 643 ईस्वी के बीच भारत में अपनी यात्रा के दौरान वडनगर का दौरा किया। उन्होंने अपने यात्रा वृत्तांत सी-यू-की (“पश्चिमी दुनिया के बौद्ध रिकॉर्ड”) में अपने अनुभवों का दस्तावेजीकरण किया, जहां उन्होंने वडनगर को “आनंदपुरा” कहा। उन्होंने बौद्ध मठों की उपस्थिति का उल्लेख किया और इस क्षेत्र को शिक्षा और व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। वडनगर की पहचान भारत के सबसे पुराने लगातार बसे हुए शहरों में से एक के रूप में की गई है, जिसमें 800 ईसा पूर्व और संभवतः उससे पहले की बसावट के साक्ष्य हैं। पुरातात्विक खोजों से सात अलग-अलग सांस्कृतिक काल का पता चला है, जिनमें पूर्व-मौर्य, मौर्य, इंडो-ग्रीक, इंडो-सीथियन, सोलंकी, सल्तनत-मुगल और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन शामिल हैं। इस शहर का उल्लेख महाभारत, स्कंद पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों और विभिन्न राजवंशों के शिलालेखों में किया गया है। वडनगर सदियों से हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म का केंद्र था। इसे 2022 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है।
Source: AIR

