Q. 8. भारतीय कानूनी प्रणाली में, ‘प्ली बार्गेनिंग’ (Plea Bargaining) शब्द का तात्पर्य है:

[A] सजा की गंभीरता को कम करने के लिए एक वकील और न्यायाधीश के बीच बातचीत।

[B] एक प्रक्रिया जिसमें अभियुक्त वित्तीय मुआवजे के बदले में अपना दोष स्वीकार करता है।

[C] एक समझौता जिसमें अभियुक्त कम सजा या दण्ड के बदले में कम अपराध के लिए दोषी होने की दलील देता है।

[D] एक ऐसी व्यवस्था जिसमें पीड़ित को अदालत के परामर्श के बाद अभियुक्त के लिए सजा तय करने की अनुमति दी जाती है।

Answer: C
Notes:

व्याख्या  – भारतीय कानूनी प्रणाली में प्ली बार्गेनिंग आरोपी को कम आरोप या हल्की सजा जैसी रियायतों के बदले में स्वेच्छा से अपराध स्वीकार करने की अनुमति देती है। आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2005 के माध्यम से पेश किया गया, इसका उद्देश्य न्यायिक देरी को कम करना और मामले के समाधान में तेजी लाना है। यह केवल सात साल से कम की सजा वाले अपराधों पर लागू होता है और इसमें जघन्य अपराध, महिलाओं या बच्चों के खिलाफ अपराध और सामाजिक-आर्थिक अपराध शामिल नहीं हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ देशों में प्रचलित ब्लड मनी (दीया) की अवधारणा में पीड़ितों को वित्तीय मुआवजा शामिल है, लेकिन भारत में इसका अभ्यास नहीं किया जाता है।

Source: The Hindu

Blog
Academy
Community