Q. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:
1. संविधान के भाग IV में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) नामक दिशानिर्देश शामिल हैं।
2. अनुच्छेद 31B यह सुनिश्चित करता है कि अनुच्छेद 39 (b) और (c) के तहत किसी भी कानून को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती है।
3. संपत्ति का अधिकार केवल एक संवैधानिक अधिकार है।
4. किसी भी निजी स्वामित्व वाली संपत्ति को सरकार द्वारा सार्वजनिक भलाई के लिए एक भौतिक संसाधन माना जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
व्याख्या –
कथन 1 और 3 सही हैं। भारतीय संविधान के भाग IV में राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (डीपीएसपी) शामिल हैं, जो सामाजिक और आर्थिक न्याय प्राप्त करने में सरकार का मार्गदर्शन करते हैं। ये सिद्धांत कानून द्वारा लागू करने योग्य नहीं हैं लेकिन देश के शासन में मौलिक हैं। 1978 में 44वें संवैधानिक संशोधन के बाद, संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया और अब यह अनुच्छेद 300A के तहत एक संवैधानिक अधिकार है।
कथन 2 और 4 ग़लत हैं। अनुच्छेद 31B नौवीं अनुसूची में रखे गए कानूनों को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के कारण चुनौती दिए जाने से बचाता है। इसके बजाय, 25वें संशोधन के माध्यम से पेश किया गया अनुच्छेद 31सी, अनुच्छेद 39(b) और (c) को लागू करने के लिए बनाए गए कानूनों को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर चुनौती दिए जाने से बचाता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 39(b) के तहत सभी निजी स्वामित्व वाली संपत्ति को “समुदाय का भौतिक संसाधन” नहीं माना जा सकता है।
Source: The Hindu

