Q. यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह निर्बाध वास्तविक समय पीयर-टू-पीयर और व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान सक्षम बनाता है।
2. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भारत में UPI सिस्टम विकसित किया है।
3. SMS के माध्यम से भेजा गया वन-टाइम पासवर्ड (OTP) यूपीआई लेनदेन के लिए प्राथमिक प्रमाणीकरण विधि है।
4. UPI में वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) UPI पिन की आवश्यकता को प्रतिस्थापित करता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कितने सही हैं?
व्याख्या –
कथन 1 और 2 सही हैं। UPI पीयर-टू-पीयर (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) लेनदेन दोनों के लिए तत्काल वास्तविक समय भुगतान की अनुमति देता है, जिससे यह भारत में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली भुगतान प्रणाली बन जाती है। UPI प्रणाली को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मार्गदर्शन में NPCI द्वारा विकसित किया गया था और 2016 में लॉन्च किया गया था।
कथन 3 और 4 गलत हैं। जबकि OTP का उपयोग प्रारंभिक पंजीकरण या बैंक खाते को लिंक करने के दौरान किया जाता है, UPI लेनदेन को मुख्य रूप से UPI पिन का उपयोग करके प्रमाणित किया जाता है, जो पंजीकरण के दौरान उपयोगकर्ताओं द्वारा निर्धारित किया जाता है। VPA एक विशिष्ट पहचानकर्ता है जिसका उपयोग बैंक विवरण साझा किए बिना पैसे भेजने या प्राप्त करने के लिए किया जाता है, लेकिन यह यूपीआई पिन को प्रतिस्थापित नहीं करता है, जो लेनदेन प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक है।
Source: The Hindu

